बोर्ड परीक्षा रिजल्ट 2026: हर बोर्ड की 10वीं-12वीं का परिणाम और मार्कशीट पाने के सारे तरीक़े

रिजल्ट सीज़न 2026 अब लगभग पूरा हो चुका है। देश का सबसे बड़ा बोर्ड — यूपी बोर्ड, जिसमें इस साल क़रीब 52 लाख परीक्षार्थी बैठे — 23 अप्रैल 2026 को 10वीं और 12वीं दोनों के नतीजे घोषित कर चुका है, और बाकी राष्ट्रीय व राज्य बोर्डों के परिणाम मई-जून तक आ गए। अगर आप अभी सप्लीमेंट्री रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, एडमिशन के लिए मार्कशीट दोबारा डाउनलोड करनी है, या डिजिलॉकर से अंक सत्यापित करने हैं — यह गाइड हर रास्ता कवर करती है।

सबसे पहले एक बात समझ लें: ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट प्रोविज़नल (अस्थायी) होती है। तात्कालिक एडमिशन औपचारिकताओं के लिए यह काम करती है, लेकिन मूल प्रमाणपत्र बोर्ड से स्कूल के ज़रिए ही मिलता है। बीच की अवधि में कॉलेज आमतौर पर डिजिलॉकर वाली कॉपी स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि उस पर डिजिटल सत्यापन होता है — किसी भी रिजल्ट पोर्टल के प्रिंटआउट पर नहीं।

यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026: 23 अप्रैल, शाम 4 बजे घोषित

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने दोनों कक्षाओं के परिणाम प्रयागराज मुख्यालय से एक साथ घोषित किए — 22 अप्रैल को बोर्ड सचिव भगवती सिंह के हस्ताक्षर वाली आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार। परीक्षाएँ 18 फ़रवरी से 12 मार्च 2026 तक क़रीब 8,000 केंद्रों पर हुई थीं, और मूल्यांकन का चक्र बोर्ड के हालिया इतिहास में सबसे तेज़ रहा — आख़िरी पेपर से घोषणा तक मुश्किल से छह हफ़्ते।

विवरणजानकारी
बोर्डउत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP)
रिजल्ट की तारीख़23 अप्रैल 2026, शाम 4:00 बजे
परीक्षा अवधि18 फ़रवरी – 12 मार्च 2026
10वीं पास प्रतिशत90.42% (छात्राएँ 93.76%, छात्र 87.30%)
12वीं पास प्रतिशत80.38% (छात्राएँ 86.32%, छात्र 75.04%)
रिजल्ट पोर्टलupmsp.edu.in, upresults.nic.in
लॉगिन विवरणरोल नंबर (कुछ पोर्टलों पर ज़िला/स्कूल कोड भी)

इस साल का सबसे साफ़ पैटर्न फिर वही रहा — दोनों कक्षाओं में लड़कियाँ लड़कों से आगे: 10वीं में 6 प्रतिशत अंकों से ज़्यादा का अंतर, 12वीं में 11 अंकों से भी बड़ा। 12वीं के 1,58,789 विद्यार्थियों (क़रीब 8%) ने 75% या उससे अधिक अंक लेकर ऑनर्स के साथ परीक्षा पास की, और संस्थागत (रेगुलर) परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत (80.47%) व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षार्थियों (77.54%) से थोड़ा बेहतर रहा।

टॉपर लिस्ट 2026 — और 2025 से तुलना

इस बार दोनों कक्षाओं की मेरिट लिस्ट पर सीतापुर और बाराबंकी का दबदबा रहा।

हाईस्कूल (कक्षा 10), 2026:

रैंकनामज़िलाप्रतिशत
1 (संयुक्त)कशिश वर्मासीतापुर97.83%
1 (संयुक्त)अंशिका वर्माबाराबंकी97.83%
2अदितिबाराबंकी97.50%
3 (संयुक्त)अर्पितासीतापुर97.33%
3 (संयुक्त)प्रीति वर्माबरेली97.33%

इंटरमीडिएट (कक्षा 12), 2026:

रैंकनामज़िलाप्रतिशत
1शिखा वर्मासीतापुर97.60%
2 (संयुक्त)नंदनी गुप्ताबरेली97.20%
2 (संयुक्त)श्रिया वर्माबाराबंकी97.20%
3 (संयुक्त)सुरभि यादवबरेली97.00%
3 (संयुक्त)पूजा पालबाराबंकी97.00%

एक दिलचस्प संयोग: 2026 में 10वीं का टॉप स्कोर 97.83% ठीक वही है जो 2025 में जालौन के यश प्रताप सिंह ने टॉप करने के लिए हासिल किया था। 12वीं में मुक़ाबला और ऊँचा उठ गया — 2025 में प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% के साथ टॉप किया था, जबकि 2026 में यही स्कोर सिर्फ़ संयुक्त दूसरे स्थान तक पहुँचा। स्टेट टॉपर्स को यूपी सरकार परंपरागत रूप से नक़द पुरस्कार, लैपटॉप और मेडल देती है; ज़िला स्तर के टॉपर्स को भी सम्मानित किया जाता है।

यूपी बोर्ड की मार्कशीट पाने के चार तरीक़े

रिजल्ट घोषित होने के शुरुआती घंटों में आधिकारिक पोर्टल बुरी तरह धीमे पड़ जाते हैं, इसलिए चारों रास्ते जानना — और यह समझना कि कब कौन-सा काम आता है — फ़ायदे का सौदा है।

आधिकारिक वेबसाइट। upresults.nic.in या upmsp.edu.in खोलें, हाईस्कूल या इंटरमीडिएट रिजल्ट का लिंक चुनें, रोल नंबर डालें (कुछ मिरर साइटें एडमिट कार्ड पर छपा ज़िला या स्कूल कोड भी माँगती हैं) और PDF डाउनलोड कर लें। घोषणा के महीनों बाद ट्रैफ़िक की समस्या नहीं रहती — अब यही सबसे तेज़ रास्ता है।

SMS — बिना इंटरनेट के। 10वीं के लिए UP10, स्पेस, फिर रोल नंबर लिखें; 12वीं के लिए UP12 और रोल नंबर — और 56263 पर भेज दें। प्रोविज़नल अंक मैसेज से आ जाते हैं। यह तरीक़ा बना ही रिजल्ट वाले दिन के लिए है, जब वेबसाइटें बैठ जाती हैं — पर काम यह सालभर करता है।

डिजिलॉकर — एडमिशन के लिए सबसे अहम। results.digilocker.gov.in पर साइन-इन करें (रजिस्ट्रेशन के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चाहिए), Issued Documents खोलें, उत्तर प्रदेश बोर्ड, अपनी कक्षा और साल चुनकर रोल नंबर डालें। यहाँ मिलने वाली मार्कशीट डिजिटली साइन्ड होती है — इसीलिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज इसे मूल प्रमाणपत्र की जगह स्वीकार करते हैं। अगर Issued Documents में मार्कशीट न दिखे, तो सबसे पहले जाँचें कि जन्मतिथि और रोल नंबर बोर्ड के रिकॉर्ड से अक्षरशः मिलते हैं — एक अंक का फ़र्क़ ही सबसे आम कारण होता है।

UMANG ऐप। ऐप में या web.umang.gov.in पर “UPMSP” खोजें, कक्षा चुनें और रोल नंबर से लॉगिन करें। काम वेबसाइट जैसा ही है; उपयोगी मुख्यतः तब, जब आप UMANG पहले से दूसरी सरकारी सेवाओं के लिए इस्तेमाल करते हों।

हर बोर्ड की आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट — 10वीं और 12वीं

कई बोर्ड दोनों कक्षाओं के लिए अलग-अलग पोर्टल रखते हैं, और यही बात बहुत सारे विद्यार्थियों को उलझाती है — 10वीं के पोर्टल पर 12वीं का रिजल्ट खोजने पर सिर्फ़ एरर मिलता है। नीचे दोनों साथ-साथ दिए गए हैं:

बोर्ड10वीं रिजल्ट साइट12वीं रिजल्ट साइट
आंध्र प्रदेशbse.ap.gov.inbieap.gov.in
असम (SEBA/AHSEC)results.sebaonline.orgresultsassam.nic.in
बिहार (BSEB)biharboardonline.bihar.gov.inresults.biharboardonline.com
CBSEcbseresults.nic.incbseresults.nic.in
छत्तीसगढ़ (CGBSE)cgbse.nic.inresults.cg.nic.in
CISCE (ICSE/ISC)cisce.orgcisce.org
गोवा (GBSHSE)gbshse.infogbshse.in
गुजरात (GSEB)gsebeservice.comgseb.org
हरियाणा (HBSE)bseh.org.inbseh.org.in
हिमाचल प्रदेशhpbose.orghpbose.org
झारखंड (JAC)jacresults.comjacresults.com
जम्मू-कश्मीर (JKBOSE)jkbose.ac.injkbose.nic.in
कर्नाटक (SSLC/PUC)karresults.nic.inkarresults.nic.in
केरलkeralaresults.nic.inkeralaresults.nic.in
महाराष्ट्रmahresult.nic.inmahresult.nic.in
मणिपुरmanresults.nic.inmanresults.nic.in
मेघालय (MBOSE)megresults.nic.inmegresults.nic.in
मिज़ोरम (MBSE)mbse.edu.inmbse.edu.in
मध्य प्रदेशmpresults.nic.inmpresults.nic.in
नगालैंड (NBSE)nbsenl.edu.innbsenl.edu.in
NIOSresults.nios.ac.inresults.nios.ac.in
ओडिशाorissaresults.nic.inchseodisha.nic.in
पंजाब (PSEB)pseb.ac.inpseb.ac.in
राजस्थान (RBSE)rajresults.nic.inrajresults.nic.in
तमिलनाडुtnresults.nic.intnresults.nic.in
त्रिपुरा (TBSE)tripuraresults.nic.intbresults.tripura.gov.in
तेलंगानाbse.telangana.gov.intsbie.cgg.gov.in
उत्तराखंडuaresults.nic.inuaresults.nic.in
उत्तर प्रदेशupresults.nic.inupresults.nic.in
पश्चिम बंगालwbresults.nic.inwbresults.nic.in

रिजल्ट देखने की प्रक्रिया लगभग हर जगह एक जैसी है: बोर्ड की साइट पर रिजल्ट लिंक खोलें, एडमिट कार्ड वाला रोल नंबर डालें (कुछ बोर्ड रजिस्ट्रेशन नंबर या स्कूल कोड भी माँगते हैं), सबमिट करें और PDF सेव कर लें। एक प्रिंट कॉपी भी रखें — एडमिशन काउंटरों पर डिजिटल कॉपी सत्यापित करने के बाद भी प्रिंट अक्सर माँगा जाता है।

मार्कशीट में क्या-क्या जाँचें — पेज बंद करने से पहले

प्रोविज़नल मार्कशीट की ग़लती रिपोर्ट न की जाए तो वह मूल प्रमाणपत्र तक पहुँच जाती है — और छपे हुए प्रमाणपत्र को बाद में सुधरवाना, अभी ग़लती बताने से कहीं ज़्यादा लंबा काम है। डाउनलोड करते ही हर फ़ील्ड जाँचें: अपना नाम और माता-पिता के नाम (स्पेलिंग समेत), रोल नंबर, स्कूल व ज़िला कोड, विषयवार थ्योरी और प्रैक्टिकल अंक, कुल और अधिकतम अंक, श्रेणी (डिवीज़न) या ग्रेड, और पास/फ़ेल स्थिति। यूपी बोर्ड के विद्यार्थी विषय के अंक जोड़ते समय बँटवारा याद रखें — 10वीं के पेपर में 80 अंक थ्योरी + 20 आंतरिक मूल्यांकन, 12वीं में 70 + 30। न्यूनतम पासिंग अंक 33% हैं।

ग़लती मिले तो सबसे पहले अपने स्कूल से संपर्क करें — सुधार स्कूल के माध्यम से ही बोर्ड तक जाता है। यूपी बोर्ड के विद्यार्थी बोर्ड का जनसुनवाई पोर्टल janhit.upmsp.edu.in या हेल्पलाइन 0532-2622767 और 0522-2239006 भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक-दो विषय में फ़ेल हैं, या उम्मीद से कम अंक आए? ये हैं विकल्प

उम्मीद से कमज़ोर रिजल्ट शैक्षणिक साल का अंत नहीं है — हर बोर्ड दूसरा मौक़ा देता है। बस हर मौक़े की एक समय-सीमा है, और वह चूक गई तो पूरा साल इंतज़ार करना पड़ता है।

संवीक्षा (स्क्रूटनी) या पुनर्मूल्यांकन। किसी विषय के अंक आपके अपने आकलन से बहुत नीचे हों, तो उत्तर-पुस्तिका की दोबारा गिनती या जाँच के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन की खिड़की घोषणा के बाद तय अवधि के लिए खुलती है — आमतौर पर कुछ हफ़्ते — और प्रति विषय शुल्क बोर्ड के हिसाब से अलग होता है। नतीजे को लेकर यथार्थवादी रहें: स्क्रूटनी में आमतौर पर जोड़ की ग़लतियाँ और बिना जाँचे रह गए उत्तर पकड़ में आते हैं, उत्तर की गुणवत्ता पर राय का फ़र्क़ नहीं। बड़ा अंतर हो तो आवेदन समझदारी है; दो-तीन अंकों के पीछे भागना — नहीं।

कम्पार्टमेंट / सप्लीमेंट्री परीक्षा। एक या दो विषयों में फ़ेल विद्यार्थी पूरा साल दोहराने के बजाय मुख्य रिजल्ट के कुछ महीनों के भीतर होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा से वे विषय पास कर सकते हैं। अधिकांश बोर्डों ने 2026 के सप्लीमेंट्री राउंड जून-जुलाई में कराए हैं, इसलिए अगर यह आप पर लागू होता है, तो अपने बोर्ड की साइट अभी देखें — कई बोर्डों के सप्लीमेंट्री रिजल्ट लिंक ठीक इसी दौर में सक्रिय हो रहे हैं।

इम्प्रूवमेंट परीक्षा। CBSE समेत कई बोर्ड पास हो चुके विद्यार्थियों को अंक सुधारने के लिए किसी विषय में दोबारा बैठने देते हैं। पर इसे अपने एडमिशन कैलेंडर से तौलकर देखें: इम्प्रूवमेंट का रिजल्ट अक्सर मुख्य काउंसलिंग राउंड बंद होने के बाद आता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 कब घोषित हुआ था?

23 अप्रैल 2026 को शाम 4:00 बजे, प्रयागराज मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए — जिसके बाद upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर डाउनलोड लिंक सक्रिय हुए। 10वीं का पास प्रतिशत 90.42% रहा और 12वीं का 80.38%।

क्या ऑनलाइन मार्कशीट कॉलेज एडमिशन के लिए मान्य है?

आवेदन के लिए प्रोविज़नल PDF काम करती है, और डिजिटली साइन्ड डिजिलॉकर कॉपी अधिकांश काउंसलिंग व सत्यापन चरणों में स्वीकार होती है। अंतिम नामांकन के लिए वही मूल मार्कशीट-सह-प्रमाणपत्र चाहिए जो घोषणा के कुछ हफ़्तों बाद स्कूल के माध्यम से मिलता है। रिजल्ट के क़रीब दो महीने बाद भी स्कूल में मूल प्रति न पहुँचे, तो स्कूल कार्यालय से पता करें — देरी आमतौर पर प्रेषण के स्तर पर होती है, बोर्ड के स्तर पर नहीं।

हर साल सबसे पहले किन बोर्डों का रिजल्ट आता है?

कोई तय क्रम नहीं, पर पैटर्न साफ़ है: जो बोर्ड मार्च की शुरुआत तक परीक्षाएँ ख़त्म कर लेते हैं — यूपी, बिहार, राजस्थान, एमपी — वे अप्रैल में रिजल्ट देते हैं; देर से परीक्षा कराने वाले बोर्ड और भारी मूल्यांकन-भार वाला CBSE मई तक पहुँचते हैं। यूपी बोर्ड का अपना रिकॉर्ड लगातार जल्दी रिजल्ट की ओर बढ़ा है: 2026 में 23 अप्रैल, 2025 में 25 अप्रैल, 2024 में 20 अप्रैल — जबकि 2023 में 25 मई।

रिजल्ट जो भी हो — आज का एक ज़रूरी काम

अपनी मार्कशीट अभी डिजिलॉकर में सेव कर लें, भले ही PDF और प्रिंट पहले से आपके पास हों। रोल नंबर खो जाते हैं, डाउनलोड की गई फ़ाइलें पुराने फ़ोन के साथ चली जाती हैं — और अगले दस साल का हर एडमिशन, हर स्कॉलरशिप और हर नौकरी का वेरिफ़िकेशन यही दस्तावेज़ माँगेगा। डिजिलॉकर की कॉपी स्थायी है, डिजिटली सत्यापित है, और सिर्फ़ आधार से जुड़े नंबर से कभी भी वापस निकाली जा सकती है — आज के पाँच मिनट, सालों बाद की एक बेहद तकलीफ़देह भागदौड़ से बचा लेते हैं।

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